PM मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज की अहमदाबाद बैठक: रक्षा, सेमीकंडक्टर व व्यापार में बड़े समझौते तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को अहमदाबाद में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने वाले कई समझौते पर सहमति बनी। यह मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है और यह भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।

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भव्य स्वागत और सांस्कृतिक जुड़ाव

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार सुबह अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 में साथ मिलकर पतंग उड़ाई, जो भारत-जर्मनी के मजबूत दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बन गया।

रणनीतिक समझौतों के प्रमुख क्षेत्र

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वाकांक्षी समझौते किए:

1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग

भारत और जर्मनी ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और विस्तृत करने का वादा किया। दोनों पक्षों ने मिलकर रक्षा उत्पादन और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया, जिससे रक्षा तंत्र और सामरिक क्षमताओं को बल मिलेगा।

2. सेमीकंडक्टर और तकनीकी सहयोग

दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर निर्माण तथा तकनीकी अनुसंधान में साझेदारी बढ़ाने के लिए सहमति जताई। इससे भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय निर्माण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को और ऊँचा प्लेटफॉर्म मिलेगा।

3. हरित ऊर्जा और कौशल विकास

ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टीलन-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। भारत और जर्मनी ने उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास के लिए एक संयुक्त रोडमैप जारी किया, जिससे छात्रों और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को आर्थिक सहयोग के नए अवसर मिलेंगे।

4. आर्थिक और निवेश मंच

दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी आर्थिक और निवेश समिति की स्थापना की घोषणा की, जो द्विपक्षीय निवेश प्रवाह और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू बनाएगी। इससे निवेशक विश्वास मजबूत होगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार वृद्धि को नयी गति मिलेगी।

भारत-जर्मनी व्यापार और निवेश पर प्रभाव

भारत और जर्मनी की सीमा पार आर्थिक भागीदारी काफी मजबूत है, और दोनों देशों का वार्षिक व्यापार वर्तमान में लगभग $50 बिलियन से ऊपर है। फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि rising protectionism से दोनों देशों के आर्थिक हितों को नुकसान होता है और ऐसे में सहयोग और भागीदारी और महत्वपूर्ण हो जाती है।

विश्लेषकों का मानना है कि इन समझौतों से न सिर्फ bilateral trade में वृद्धि होगी बल्कि भारतीय MSMEs, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और हरित ऊर्जा कंपनियों को भी लाभ मिलेगा।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य और भू-राजनीतिक महत्व

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। भारत और जर्मनी दोनों ही यूएस, चीन तथा रूस-संबंधित वैश्विक मुद्दों के बीच एक स्थिर और भरोसेमंद साथी की तलाश में हैं। फ्रेडरिक मर्ज ने इस दौरान कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी बातचीत जारी है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक व्यापक साझेदारी को जन्म देगा।

सांस्कृतिक और कूटनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए साझा किया कि अहिंसा, संवाद और सहयोग ही आज के वैश्विक वातावरण में सबसे बड़ी ताकत हैं। यह सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को और गहरा करने का प्रतीक रहा।

अब आगे क्या?

इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच समझौते का formal signing ceremony अगले कुछ दिनों में प्रस्तावित है। इसके साथ ही भारत-जर्मनी के बीच साझेदारी के रोडमैप को विस्तृत किया जाएगा, जिसमें तकनीकी साझेदारी, रक्षा निर्माण और निवेश में वृद्धि जैसी विविध क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की अहमदाबाद बैठक ने भारत-जर्मनी संबंधों को नई दिशा दी है। रक्षा, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और आर्थिक मंचों पर हुए बड़े समझौते भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत करेंगे और वैश्विक सहयोगों में नयी संभावनाएँ खोलेगा। यह दौरा दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामरिक सहयोग को एक नई उड़ान देगा।

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